दुनिया की ये जगह हैं रहस्यमयी

दुनिया में कई ऐसे रहस्य होते हैं जिन पर यकीन कर पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होता है पर वो होते है ये सब जानते है और ये बात किसी से छिपी हुई नहीं है क्यों की हमारी Earth बहुत ही ज्यादा रहस्मय है और कई प्रकार की खोज के बाद भी वह रहस्य, रहस्य बनकर ही रहे जाते हैं। उनके पीछे का राज सदियों की कोशिशों के बावजूद भी कोई नहीं जान पाता कि आखिर ऐसा हो क्यों रहा है और इसके पीछे किसी का हाथ है। अपने भारत देश में ही बहुत से ऐसी जगह जो अभी तक रहस्य बानी हुई है जैसे - वृंदावन की रासलीला और ताजमहल में कब्र पर गिरने वाले पानी के राज को आज तक कोई नहीं पता कर सका है। ठीक इसी प्रकार दुनिया में भी कई जगह ऐसी हैं जो रहस्यमयी हैं। आपको ऐसी जगहों के बारे में जानकर सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है सच मानो आप लोगो को भरोसा ही नहीं होगा की ऐसा भी कुछ होता है क्या। ऐसे स्थान आज भी गहन रहस्य बने हुए हैं ...


                                       दुनिया में बहुत सी ऐसी अनोखी जगहें है जिनके बारे में हम नहीं जानते लेकिन इनके बारे में जानना खास होता है। आज हम आपको ऐसी ही एक जगह के बारे में बता रहे है जो आपको चौंका देगी। आपने चिड़ियाघर वगैरह में खरगोश तो देखे ही होंगे पर यहाँ भी ये गिने चुने ही मिले होंगे। जिस रैबिट आइलैंड के बारे में हम आपको बता रहे है वहां 50-100 नहीं बल्कि हजारों की संख्या में खरगोश रहते है जापान में मौजूद इस छोटे से द्वीप को खरगोश द्वीप भी कहा जाता है। यहां प्रति वर्ष 300 जंगली खरगोशों के देखने एक लाख लोग आते हैं। एक जापानी यात्री के मुताबिक ये खरगोश करीब 40 साल पहले पालतू खरगोशों के एक समूह से निकले थे। अब इन खरगोशों की जनसंख्या को गिरने से रोकने के लिए द्वीप पर बिल्लियों, कुत्तों समेत अन्य जानवरों का आना वर्जित कर दिया गया है।


                                                          नोरिल्स्क, रूस इस की स्थापना 1920 के दशक के अंत में की गयी थी लेकिन स्थापना की आधिकारिक तारीख परंपरागत रूप से 1935 है इस जगह पर बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है जिस कारण यहां का औसतन वार्षिक तापमान -10 डिग्री होता है। वहीं सर्दियों में यहां का तापमान -55 डिग्री होता है। इस शहर में प्रति वर्ष दो महीने तक अंधेरा रहता है। जिस कारण आर्टिटेक्टस ने शहर को इस तरह डिजाइन किया है कि क्रूर हवाओं को थोड़ा रोका जा सके। क्योंकि उनको पूरी तरह रोक पाना लगभग नामुमकिन सा है। यह शहर सबसे प्रदूषित भी है जिसका कारण है यहां की हवा में तांबा, निकल और सल्फर डाइऑक्साइड की उच्च सांद्रता का होना। यहां खानों और फेक्ट्रियों का संचालन 24/7 होता है।



                                                               सांप दुनिया के ऐसे प्राणी हैं, जिनसे ज्यादातर लोगों को डर लगता है. और आज हम एक ऐसे ही आइलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं जो सापों के आइलैंड के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है. जी हां, इस आइलैंड पर दुनिया के सबसे ज्यादा जहरीले और खतरनाक सांपों की प्रजाति पाई जाती है, जो अगर एक बार काट लें तो शायद ही कोई बचे, ब्राजील में स्थित इलाहा दा क्यूइमादा एक ऐसा द्वीप है जो जानवरों द्वारा शासित है। इसके पीछे क्या रहस्य है, ये भी आज तक कोई नहीं जान पाया है। माना जाता है कि पहले यहां सांपों की इतनी अबादी नहीं थी, आइलैंड के मध्य भाग में ही कुछ सांप पाए जाते थे. लेकिन एक नेव कर्मचारी की मौत के बाद से धीरे-धीरे उस आइलैंड पर उनका कब्जा हो गया. और आज इनकी संख्या हजारों से भी ज्यादा हो चुकी है इस द्वीप को सांपों का द्वीप भी कहा जाता है। यह दुनिया के उन हजारों विषैले सांपों का घर है, जिनका नाम है गोल्डन लांसहेड वाइपर। ब्राजील की नौसेना ने सभी नागरिकों का द्वीप पर आना प्रतिबंधित किया हुआ है। यह द्वीप साओ पाउलो से महज 20 मील की दूरी पर स्थित है। यहां प्रति 3 फीट की दूरी पर एक से पांच सांप आसानी से मिल जाएंगे। 



                                                धरती के सबसे ठंडे स्थान अंटार्कटिका के रहस्यों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। धरती का यह इलाका अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण दुनिया से कटा हुआ है। क्या आप जानते हैं कि अंटार्कटिका दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान है यह दुनिया का सबसे ठंडा, शुष्क और तेज हवाओं वाला महाद्वीप है। ये जगह 96 फीसदी बर्फ से ढकी हुई है। यहां सामान्य लोगों का रहना एक तरह से नामुमकिन है। लेकिन यहां वैज्ञानिक कई महीनों तक रहते हैं जो यहां खोज के उद्देश्य से आते हैं। यहां रहने वाले वैज्ञानिक खुद को ठंड से बचाने के लिए पूरे इंतजाम के साथ आते हैं। यह स्थान पूरी तरह से सुनसान रहता है, दिखाई देती है तो बस बर्फ और सिर्फ बर्फ लेकिन दुनिया का 90 फीसदी ताजा पानी अंटार्कटिका में मौजूद है।



                                                           दुनिया में कई ऐसे रहस्य होते हैं जिन पर यकीन कर पाना कठिन होता है सेंट्रालिया, पेंसिलवेनिया इस जगह का रहस्य है यहां की जमीन.. जो बेहद सुलगती हुई और गर्म है। अमेरिका के पेंसिलवेनिया में स्थित इस जगह को भूतिया टाउन भी कहा जाता है। ऐसा यहां 1962 से हो रहा है। इस टाउन में एक समय 1400 लोगों की आबाधी रहती थी लोकिन 56 साल पहले एक अंडरग्राउंड आग के कारण यह जगह पूरी तरह खाली हो गई। यहां आने वाले लोगों के लिए चेतावनी के बोर्ड भी लगाए गए हैं। यहां की जमीन पर पेड़ पौधों का जीवित रह पाना नामुमकिन है जिस कारण यहां कोई मनुष्य नहीं रह पाता। कितनी अजीब सी जगह है ये और इस के बारे में बहुत ही कम लोग जानते है लेकिन सुलगती हुई इस धरती का रहस्य अभी तक कोई नहीं पता कर सका है। 


                                              डेथ वैली पूर्वी कैलिफोर्निया में स्थित एक रेगिस्तान है। डेथ वैली :शुरू-शुरू में अमेरिका आने वाले लोगों को यह घाटी पार करके ही आना पड़ता था। इसके उच्च तापमान और सूखेपन के कारण बहुत से लोग घाटी को पार करने के दौरान मारे जाते थे और इसी के चलते इस का नाम डेथ वैली पड़ा। यहां की मुख्य समस्या है यहां पड़ने वाली गर्मी जिससे यहां का तापमान 130 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसे में यहां किसी की भी मृत्यु हो सकती है। यहां 1913 में रिकॉर्ड 1134.06 डिग्री तापमान मापा गया था। यहां साल में औसत वर्षा मात्र 5 सेमी. के लगभग होती है। यहां पानी के निशान तक नहीं हैं। वहीं अगर कहीं पानी मिल भी जाए तो वह खारा होता है। इसे दुनिया की सबसे गर्म जगह के रूप में माना जाता है जहां किसी का भी रह पाना नामुमकिन है। डेथ वैली में रहस्यमय ढंग से सरकने वाले पत्थरों को देखा गया है। इन पत्थरों में कई तो 115 किलो ग्राम तक भारी हैं। बिना किसी मदद के ये पत्थर आश्चर्यजनक रूप से इस घाटी की सतह पर एकदम सीधी पंक्ति में चलते हैं। वजन में भारी होने के बावजूद ये पत्थर सैकड़ों फीट तक सरकते देखे गए हैं। पत्थरों का सरकना दुनिया भर के वैज्ञानिकों के अध्ययन का विषय बना हुआ है। कई वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा तेज हवाओं और बर्फीली सतह पर होने वाली हलचल के कारण होता है।



                                                               यूक्रेन के चेरनोबिल में हुई परमाणु दुर्घटना को दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हादसा माना जाता है। यह हादसा साल 1986 को हुआ था। पहले ये स्थान करीब 49,000 निवासियों का घर था। इसके बाद यहां कुछ ऐसी घटनाएं होने लगीं जिसके बाद इस जगह को घोस्ट टाउन कहा जाने लगा। कहा जाता है कि जगह के खाली होने के बाद भी स्कूलों में पेड़ उगते हैं, पुस्तकालयों में किताबें पाई जाती हैं और गुड़िया अभी भी किंडरगार्टन फर्श में देखे जा सकते हैं। कहा जाता है कि इस घटना से पहले यहां एक लाख बच्चों के लिए 19 स्कूल थे। बड़ी संख्या में लोग इस दुर्घटना का शिकार हुए थे।


                                               जावेरी वैली ब्राजील के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक यह जगह फ्लोरिडा से लगभग आधी है। नेशनल जियोग्राफिक के मुताबिक इस क्षेत्र को विशेष रूप से घुसपैठ से संरक्षित रखा गया है। यह एक घने जंगल वाला इलाका है। कहा जाता है कि यहां रहने वाले लोग बाहरी दुनिया से पूरी तरह अंजान हैं। यहां रहने वाले 200 अज्ञात लोगों के अस्तित्व की पुष्टि भी साल 2011 में हुई थी। यानि इन लोगों को पता ही नहीं था कि इस जंगल से बाहर भी कोई दुनिया है।



                                                           वैसे तो भारत के नागरिकों को कहीं भी जाने की पूरी आजादी है लेकिन इस द्वीप पर आम लोगों का जाना प्रतिबंधित है। कहा जाता है कि यहां 300-400 खतरनाक आदिवासी रहते हैं। इनका दुनिया में किसी से भी संपर्क नहीं है। ये लोग ना तो स्वयं इस द्वीप से बाहर आते हैं और ना ही किसी बाहरी व्यक्ति को यहां आने देते हैं। इसके पीछे क्या कारण है यह भी आज तक पता नहीं चल पाया है। यहां जाना लोगों के लिए बहुत जानलेवा होता है जिसका कारण है इन आदिवासियों का जानलेवा होना।

तो ये थे कुछ ऐसे मामले जिनके बारे में अभी बहुत कुछ खोजा जाना बाकी है कोई भी अभी तक ज्यादा कुछ मालूम नहीं कर पाया है। आप भी कमेंट कर के जरूर बताना की आपको को सा वाला ज्यादा अच्छा लगा।