Shayari in Hindi (शायरी), Love Shayari in Hindi, लव शायरी, Romantic Shayari


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो



सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।


यूं ही न अपने मिज़ाज को चिड़चिड़ा कीजिये,
कोई बात छोटी करे तो आप दिल बड़ा कीजिये।


लफ्जो से कहाँ लिखी जाती है
ये बेचैनियां मोहब्बत की❣तुम्हें देखते ही दिल की 
धड़कनें जो तेज हो जाती है ❣और ना देखूं तो,
तरह तरह के, ख्यालात।


चाँद से अपना प्रेम लिखूँ या 
निंदिया से अपना बैर लिखूँ.
तुम तो इस दिल के धड़कन हो 
फिर तुमको भी कैसे गैर लिखूँ।


मुझको छोड़ने की बजह तो बता जाते,
तुम मुझसे बेज़ार थे या हम जैसे हज़ार थे।


एक बात हमेशा याद रखना 
दुनिया में तुम्हे मेरे जैसे बहुत मिलेंगे,
लेकिन उनमे तुम्हे हम नही मिलेंगे।


ये एक तरफा प्यार भी बहुत अज़ीब होता है,
हमेशा डर लगा रहता है 
की कोई उन्हें हम से चुरा न ले।


इतना दर्द तो मौत भी नही देती,
जितनी दर्द तेरी ख़ामोशी दे रही है।


मैंने  एक गलती की 
उसने हजार बार दोहराया 
उसने हजार गलती की मैंने कभी नहीं दोहराया।



दो गज से जरा ज्यादा जगह देना कब्र में मुझे,  
किसी की याद में करवट बदले बिना मुझे नींद नहीं आती।



आज फिर उतनी ही मोहब्बत से बुलाओ ना,
कह दो मिलने का मन कर रहा है,
                आओ ना .



इन  आँखों  को अब  क्या  कहें  हम
दो  प्यालों में  शराब  पुरानी  रखी है
और कुछ नहीं  मुझ  शायर  के पास
तुम पे लुटाने को बस जवानी रखी है। 


तेरी  इक  तस्वीर  है  मेरी  आँखों में
और बस यही  इक  निशानी रखी है
क़ैस-ओ-कोहकन  मिटे थे  जिस पे
तेरे हुस्न में वही अदा पुरानी रखी है। 



तुमने जब मेरी तरफ़ प्यार से देखा था
मैंने फिर पहरों तेरे बारे में ही सोचा था
रात भर कई दफ़ा मैं सो नहीं पाया था
तेरी याद ने कई दफ़ा इतना सताया था। 


ज़माना जब दरमियाँ हमारे आ बैठा था
तुमसे ही नहीं मैं खुद से भी बिछड़ा था
जुदा हो गए दुःख तो है मगर फिर भी
ग़नीमत है इक-दूजे को बेहद चाहा था। 


कोई तो दाग़ मेरे सीने पे सज़ा दो ना
ज़ख्मे-दिल पे ज़रा-सा मुस्कुरा दो ना
बस यही चिंगारी मिटा सकती है मुझे
इसे ज़रा-सी हवा दो ना, भड़का दो ना। 


तेरे सिवा ना हो उम्मीदवारी किसी की
मुझे रोग कोई ऐसा तुम लगा दो ना
मेरी जड़ें दफ़न हैं यहाँ की मिट्टी में
मेरी मिट्टी इस मिट्टी में मिला दो ना। 


तेरे सिवा ना चाहता हूँ कुछ याद रहे
तुम मुझको हर शै अब भुला दो ना। 


मोहब्बत छोड़ कर हर एक जुर्म कर लेना
वरना मुसाफिर हो जाओगे,मेरी तरह तन्हा रातों के।